ऑनलाइन दवा व्यापार के विरोध में दवा कारोबार बंद
Pritesh Jain
इंदौर। केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने बताया कि ऑनलाइन दवा व्यापार पूर्ण रूप से ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन है। केंद्र सरकार द्वारा जारी GSR 220(E) एवं GSR 817(E)/870(E) जैसे प्रावधानों के माध्यम से ऑनलाइन दवा व्यापार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका देशभर के दवा विक्रेता लगातार विरोध किया जा रहा हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा दवाई की बिक्री और बिना फार्मासिस्ट निगरानी के दवाओं की सप्लाई आम जनता के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। साथ ही ऑनलाइन कंपनियों द्वारा अपनाई जा रही “Predatory Pricing” नीति के कारण छोटे और मध्यम मेडिकल व्यवसाय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। भारी छूट और लागत से कम कीमत पर दवाओं की बिक्री से बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा उत्पन्न हो रही है, जिससे पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है।

ऑनलाइन दवा व्यापार की आड़ में नकली, एक्सपायरी और गलत दवाओं के साथ एक दिन की हड़ताल से दवाई की दुकान बंद होने से मरीज तो परेशान होंगे ही साथ ही करोड़ो का नुकसान भी दवाई विक्रेताओं को भुगतना पड़ रहा है अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को इस बंद से मुक्त रखा गया है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
