पश्चिम बंगाल में शून्य से शिखर तक भारतीय जनता पार्टी संगठन एवं सरकार के नींव के पत्थर है “श्री कैलाश विजयवर्गीय जी” – राजिक फर्शीवाला

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राजिक फर्शीवाला, इंदौर। बात शुरू से लिखें तो ज्यादा अच्छा समझ आएगा श्री Kailash Vijayvargiya जी और देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह जी की मित्रता बरसो पुरानी है। जब अमित भाई भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने तब कैलाश जी मध्यप्रदेश बीजेपी शिव राज जी की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। क्योंकि अमित भाई बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गये, तब उन्होंने अपने जमीनी साथियो को अलग अलग राज्यों के चुनावी प्रभारी बनाना शुरू किया!

उसी समय 2014 में हरियाणा में चुनाव थे अमित भाई ने हरियाणा चुनाव में हरियाणा के बीजेपी प्रभारी डॉ अनिल जैन के साथ अपने मित्र एवं मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश जी विजयवर्गीय को यह कहते हुवे जवाबदारी दी की कैलाश भाई आज तक हरियाणा में कमल नहीं खिला है मतलब बीजेपी की सरकार नहीं बनी है अब आपको इस असंभव कार्य को संभव बनाना है कैलाश भाई ने भी शाह साहब को कहा भाई साहब अब दिल्ली तभी आऊंगा जब हरियाणा में कमल खिलेगा मतलब बीजेपी की सरकार बनेगी!हरियाणा में चुनाव हुए और आजादी के बाद पहली बार हरियाणा में कमल खिला और श्री मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री बने इस चुनाव की विजय से अमित भाई कैलाश जी से इतने प्रसन्न हुवे की उन्होंने अपनी राष्ट्रीय टीम में श्री कैलाश विजयवर्गीय जी को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया।

यह सब मैंने अपनी आँखो से देखा है इसलिए मुझे यह सब अक्षरशः याद है थोड़े दिन बीतने के बाद जब राष्ट्रीय महासचिवों को प्रदेशो का प्रभार बटाने का समय आया तो कैलाश जी ने खुद आगे से पश्चिम बंगाल का प्रभार माँग लिया जहाँ भारतीय जनता पार्टी के मात्र 7 सात विधायक थे।

हम सब जो उनके समर्थक है जिनकी आँखो से अभी हरियाणा की जीत का खुमार भी नहीं उतारा था की सब आश्चर्य चकित हो गये।हरियाणा और बंगाल की राजनीती में जमीन आसमान का फर्क है लेकिन हम सबको कैलाश जी की कार्यक्षमता पर पूरा भरोसा था की कैलाश जी वो कर दिखयेंगे जो आज तक नहीं हुआ।

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक धरती पर अपनी पहचान बनाना किसी भी राष्ट्रीय दल के लिए आसान नहीं रहा है। वर्षों तक क्षेत्रीय प्रभाव और वैचारिक टकराव के बीच, एक नई सोच और मजबूत संगठन खड़ा करना एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में Kailash Vijayvargiya ने भारतीय जनता पार्टी के लिए वह आधार तैयार किया जिसकी वजह से आज बंगाल में बीजेपी की सरकार बन रही है।

श्री कैलाश विजयवर्गीय जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक कुशल संगठनकर्ता और दूरदर्शी रणनीतिकार हैं। जब उन्हें पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी सौंपी गई, तब पार्टी का ढांचा सीमित था। लेकिन उन्होंने इसे केवल विस्तार देने का काम नहीं किया—उन्होंने उसमें जान फूंकी, कार्यकर्ताओं में विश्वास जगाया और एक ऐसी ऊर्जा पैदा की, जिसने भाजपा को जन-जन तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया।

उनकी कार्यशैली में केवल राजनीति नहीं, बल्कि समर्पण और जुनून साफ दिखाई देता है। वे कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहने वाले नेता हैं—उनके सुख-दुख में सहभागी बनने वाले मार्गदर्शक हैं। यही कारण है कि उनका नेतृत्व केवल आदेश देने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि प्रेरणा देने का माध्यम बनता है।

श्री कैलाश जी के नेतृत्व (प्रभारी के रूप में) में West Bengal में कई महत्वपूर्ण चुनाव हुए, जिनमें भाजपा ने अपनी मौजूदगी मजबूत की। मुख्य चुनाव इस प्रकार हैं:

1. विधानसभा चुनाव 2016यह वह समय था जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल में अपनी संगठनात्मक शुरुआत को मजबूती दी। सीटें कम आईं, लेकिन पार्टी का वोट शेयर बढ़ा और आधार तैयार हुआ।

2. पंचायत चुनाव 2018इन चुनावों में भाजपा ने ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से विस्तार किया। कार्यकर्ताओं के स्तर पर पार्टी काफी सक्रिय हुई और कई जगहों पर मजबूत चुनौती पेश की।

3. लोकसभा चुनाव 2019यह चुनाव भाजपा के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। पार्टी ने 42 में से 18 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया और खुद को मुख्य विपक्ष के रूप में स्थापित किया।

4. विधानसभा चुनाव 2021इस चुनाव में भाजपा ने जोरदार मुकाबला किया और 77 सीटें जीतकर राज्य में एक मजबूत विपक्ष के रूप में उभरी। यह प्रदर्शन पहले की तुलना में बहुत बड़ा उछाल था।

कैलाश जी के नेतृत्व में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में शून्य से शिखर तक पहुंचने की यात्रा तय की जहाँ हर चुनाव के साथ पार्टी का जनाधार और प्रभाव बढ़ता गया।

पश्चिम बंगाल में भाजपा का जो आज स्वरूप दिखाई देता है, वह एक दिन में नहीं बना। यह वर्षों की मेहनत, संघर्ष और रणनीतिक दृष्टिकोण का परिणाम है। इस यात्रा में कैलाश जी का योगदान एक मजबूत नींव की तरह है—जो दिखाई दे रहा है ।

दिल से देखा जाए तो, उन्होंने केवल एक राजनीतिक संगठन को नहीं बढ़ाया, बल्कि हजारों कार्यकर्ताओं के सपनों को दिशा दी है। उनकी मेहनत और समर्पण ने यह साबित किया है कि अगर नेतृत्व सच्चा हो और इरादे मजबूत हों, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।इसलिए, पश्चिम बंगाल में भाजपा की कहानी में यदि किसी को “नींव का पत्थर” कहा जाए, तो वह नाम श्री कैलाश विजयवर्गीय का ही है एक ऐसा नाम, जो संघर्ष, समर्पण और सफलता का प्रतीक बना और बीजेपी की सरकार बनाई।

लेख :- राजिक फर्शीवाला [Rajik Qureshi Farshiwala]

राष्ट्रीय सलाहकार – राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (भारत सरकार)

राष्ट्रीय महासचिव – राष्ट्रीय गौ सेवा संघ

राजनैतिक विश्लेषक

राष्ट्रीय टीवी न्यूज़ पेनेलिस्ट

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