दुबई में इंदौरियों का परचम, IIBN ने रची सफलता की नई कहानी
दुबई। इंदौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े प्रवासी जनों ने दुबई की धरती पर एक बार फिर यह साबित किया कि जब अपनी मिट्टी से जुड़े लोग एक मंच पर आते हैं, तो सफलता की नई इबारत लिखी जाती है।
इंदौरी इंटरनेशनल बिज़नेस नेटवर्क (IIBN) के तत्वावधान में आयोजित भव्य प्रोफेशनल बिज़नेस मीट में लगभग 200 से अधिक इंदौरी प्रोफेशनल्स, उद्योगपति और व्यवसायी शामिल हुए।
आयोजक कमिटी के प्रेम भाटिया, अजय कासलीवाल, अंजू भाटिया और मनोज झारिया , नासिर ख़ान ने जानकारी देते बताया की इंदौरी इंटरनेशनल बिज़नेस नेटवर्क में अपने इंदौर और आसपास के ९०० लोगो जुड़े हुवे है । सफ़ल प्रोफेशनल्स , बिज़नेस ओनर्स आपस में जानकारी साझा कर एक दुसरे की मदद करते है. जो भी इंदौर से अपने बिज़नेस आते है उनके अपने ९०० लोगो का नेटवर्क मदद के लिया तैयार रहता है।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल एक बैठक करना नहीं था, बल्कि इंदौर और आसपास के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ना, आपसी विश्वास को मजबूत करना और “, एक-दूसरे का व्यवसाय बढ़ाओ” की भावना को साकार करना था।
कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने एक-दूसरे से व्यक्तिगत रूप से परिचय किया, अपने व्यवसाय और प्रोफेशन की जानकारी साझा की, और भविष्य में आपसी रेफरल के ज़रिए एक-दूसरे के व्यवसाय को बढ़ाने का संकल्प लिया।
IIBN केवल एक बिज़नेस नेटवर्क नहीं, बल्कि दुबई में बसे इंदौरियों का एक परिवार बन चुका है। किसी सदस्य को ज़रूरत या समस्या आने पर पूरा समूह उसके साथ खड़ा रहता है। यही अपनापन इस मंच की सबसे बड़ी ताकत है।
इस अवसर पर सभी सदस्यों की जानकारी, संपर्क विवरण और व्यवसायों को शामिल करते हुए एक विशेष बिज़नेस डायरेक्टरी का विमोचन किया गया, जिससे व्यापारिक संपर्क और मजबूत होंगे।
आयोजन को सफल बनाने वाले सभी प्रायोजकों का भी सम्मान किया गया।कार्यक्रम के अंत में सभी ने इंदौर के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद लिया, जिसने सभी को अपने शहर की याद दिला दी। विदेश में इंदौर का स्वाद, अपनापन और भाईचारा देखकर हर सहभागी भावुक और उत्साहित थे।
IIBN का यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि इंदौर की पहचान केवल स्वाद और स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि एकता, सहयोग, उद्यमिता और सामाजिक जिम्मेदारी भी इंदौरियों की सबसे बड़ी ताकत है।
इस आयोजन में दुबई में बसे डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, IT स्पेशलिस्ट, चार्टेड अकाउंटेंट बड़ी संख्या में शामिल हुए।

दुबई में इंदौरियों ने यह संदेश दिया कि जब समाज के लोग एक-दूसरे का हाथ थाम लें, तो व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ पूरे समाज की प्रगति भी सुनिश्चित हो सकती है।”इंदौर से निकले हैं, लेकिन इंदौरियत आज भी हमारे दिलों में बसती है, और यही हमारी सबसे बड़ी पहचान है।”
