इंदौर के विख्यात व्यवसायी एवं कॉटन किंग स्व.कृष्णलाल जी के देहदान का चड्ढा परिवार द्वारा प्रेरणादायी निर्णय

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इंदौर । 5 जुलाई की रात्रि स्वर्गीय कृष्णलाल जी ने अंतिम सांस ली।

परिवार ने परिवार के पित्र पुरुष की अंतिम इच्छा अनुसार मुस्कान ग्रुप सेवादारों से विकट समय में नेत्र, त्वचा एवं देहदान हेतु संपर्क किया।

अंतिम समय में दिवंगत सेप्टिक शॉक की स्थिति में थे अतः तकनीकी कारणों से अंग (आंख एवं त्वचा) दान संपन्न नहीं हो सका।

कॉटन किंग के नाम से विख्यात सफल व्यवसायी, सात्विक एवं परोपकारी जीवन की मिसाल समाजसेवी स्व. कृष्णलाल जी के जीवन में लिए गए संकल्प के अनुसार उनके पुत्र राजेश जी चड्ढा,दामाद आशीष जी थम्मन एवं मुस्कान ग्रुप के जीतू बगानी द्वारा समन्वय सेवा से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एमजीएम मेडिकल कॉलेज में देहदान संपन्न हुआ।

मध्य प्रदेश शासन द्वारा शासकीय सम्मान 8 पुलिस दल द्वारा गॉड ऑफ़ आर्नर के साथ समाज जनों एवं परिजनों के अंतिम दर्शन के बाद 6 जून सुबह उनका देहदान महाविद्यालय कैन नोडल ऑफिसर डॉ राजेंद्र मार्को द्वारा सम्मानपूर्वक शव स्वीकार किया।

शासकीय सम्मान के साथ विदाई

देहदान के पूर्व निवास स्थान पर मध्य प्रदेश शासन द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। आज 7 जुलाई को गीता भवन में आयोजित शोक बैठक में शहर के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर भरत रावत ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज की ओर से साधुवाद भाव रखा। उल्लेखनीय है कि स्वयं डॉक्टर रावत साहब के परिवार से इस वर्ष में दो देहदान किए गए हैं। मुस्कान ग्रुप के अंगदान प्रभारी सेवादार संदीपन आर्य ने अंग एवं देहदान के महत्व पर प्रकाश डालकर समाज जनों को ऐसे पुनीत कार्य के लिए आगे आने का अनुरोध किया।

स्वर्गीय चड्ढा जी का देहदान मेडिकल छात्रों की एनाटॉमी स्टडी का अमूल्य हिस्सा बनेगा।इंदौर अंग एवं देहदान में अग्रणी है। शासकीय सम्मान प्रक्रिया शुरू होने के बाद यहां 60 से अधिक शवदान हो चुके हैं। इंदौर अंग एवं देहदान के क्षेत्र में अग्रणीय है और यहां से प्रदेश के अनेक शासकीय एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालय को रोटो चार्ट के माध्यम से शव उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

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