एक नायिका को श्रद्धांजलि:अधिवक्ता अभिजीता राठौर
प्रीतेश जैन, इंदौर । अधिवक्ता अभिजीता राठौर की निस्वार्थ भावना का सम्मान करते है जिनके परिवारजनों ने जिन्होंने अंग दान के माध्यम से लगभग 8 अंग आंखे,फेफड़े,दिल, किडनी,लीवर,स्किन,पैंक्रियाज, व छोटी आंत 8 अलग अलग लोगो को जीवन का उपहार देने की स्वीकृति दी थी। एक समर्पित पत्नी, बेटी, बहन और अधिवक्ता अभिजीता की विरासत उन लोगों के माध्यम से जीवित रहेगी जिन्हें अंग प्रत्यारोपण के बाद जिन्हें नवजीवन प्राप्त होगा।उनकी बहादुरी, करुणा, और उदारता हमें बदलाव लाने के लिए प्रेरित करती है।अभिजीता राठौर की प्रारंभिक शिक्षा जगदाले स्कूल से होकर पॉलीटेक्निक डिप्लोमा प्राप्त कर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन में इंजीनियरिंग में प्रथम श्रेणी वरीयता हासिल की है। बड़े भाई अभिजीत सिंह राठौर जो जिला न्यायालय इंदौर में लोक अभियोजक इंदौर के पद पर पदस्थ है। वे स्वयं को वकालत में अकेला समझते थे इस कारण अभिजीता ने इंजीनियरिंग के बाद गर्भवती होने के दौरान वकालत की पढ़ाई एल एल बी और क्रिमिनोलॉजी विषय में एल एल एम की डिग्री प्राप्त कर अपने भाई की मदद के लिए उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालय में वकालत प्रारंभ की और अपनी मिलनसारिता एवं ज्ञान से जिला व उच्च न्यायालय में अपनी एक अलग पहचान बनाई। पिता रतन सिंह राठौर उपसंचालक लोक अभियोजन के पद पर पदस्थ रहे साथ ही सामाजिक सेवा में अग्रणी होकर अखिल भारतीय क्षत्रिय राठौर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे है।माता श्रीमती गिरिबाला राठौर (सेवानिवृत्त प्राचार्य जगदाले स्कूल) है । दिवंगत के मामा जी अजय राठौर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे, जो कोविड के दौरान गुजर गए थे।पति प्रवीण राठौर का रेलवे कॉन्ट्रैक्टर का व्यावसाय है। पुत्री पर्णिका राठौर(13 वर्ष) व पुत्र अभिरत्न राठौर(5वर्ष) है।भाई अभिजीत सिंह राठौर जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर में लोक अभियोजक इंदौर के पद पर पदस्थ है।अपने मदद स्वभाव के अनुरूप किसी और के जीवन में प्रकाश हो इस हेतु अभिजीता के अंग दान किये जा रहे है ।तकनीकी अनुकूलता और लॉजिस्टिक अवेलेबिलिटी के चलते हुए उनका लिवर, दो किडनी,दो आंखें और त्वचा दान के शासकीय आदेश परिवार की स्वीकृति अनुसार मध्य प्रदेश शासन के एप्रुपरिएट अथॉरिटी द्वारा देर रात को जारी किए गए।
