इंदौर पुलिस का ‘ऑपरेशन ड्रोन’, हरियाणा में छिपे सतपाल फौजी गैंग के शातिर गुर्गे को दबोचा
मानेसर में 3 दिन तक ड्रोन से की गई निगरानी
कनाड़िया की 4 बड़ी चोरियों का खुलासा,25 लाख का मशरूका ज़ब्त
5000 का इनामी बदमाश परमेन्दर सिंह पुलिस की गिरफ्त में
Pritesh Jain। इंदौर की कनाड़िया पुलिस ने सात समंदर पार तो नहीं, लेकिन सात राज्यों की खाक छानकर एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो हाई-वे और पॉश कॉलोनियों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। ‘ऑपरेशन ड्रोन’ के तहत पुलिस ने हरियाणा के मानेसर में दबिश देकर कुख्यात ‘सतपाल फौजी’ गैंग के सक्रिय सदस्य परमेन्दर सिंह को गिरफ्तार किया है।

आरोपी इतना शातिर था कि पुलिस को उसकी टोह लेने के लिए तीन दिनों तक आसमान से ड्रोन के जरिए उसके घर की निगरानी करनी पड़ी। आखिर कैसे इस फिल्मी अंदाज में हुई गिरफ्तारीशहर में लगातार हो रही नकबजनी की घटनाओं ने कनाड़िया पुलिस की नींद उड़ा रखी थी। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के कई जिलों में सुराग तलाशे। आखिरकार सटीक इनपुट मिला कि आरोपी गुड़गांव के मानेसर में छिपा है। आरोपी परमेन्दर बेहद सतर्क था, इसलिए सीधे दबिश देने के बजाय कनाड़िया पुलिस ने हाई-टेक रास्ता चुना।
पुलिस टीम ने लगातार 3 दिनों तक ड्रोन कैमरों के जरिए परमेन्दर के घर और उसकी हर हरकत पर पैनी नजर रखी। जैसे ही आरोपी के घर में होने की पुष्टि हुई, टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। 33 वर्षीय परमेन्दर सिंह कनाड़िया थाने की 4 बड़ी चोरियों में एक साल से फरार था और उस पर 5000 रुपये का इनाम भी घोषित था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात और वारदात में इस्तेमाल की गई हुंडई आई-10 नियोस कार ज़ब्त की है। बरामद माल की कुल कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपी सतपाल फौजी गैंग का हिस्सा है और उस पर दूसरे राज्यों में भी चोरी और लूट के दर्जनों मामले दर्ज हैं।कनाड़िया पुलिस की इस तकनीकी सूझबूझ ने अपराधियों के मन में खौफ पैदा कर दिया है। अब देखना यह है कि पुलिस परमेन्दर से पूछताछ के बाद सतपाल फौजी गैंग के अन्य सदस्यों तक कब तक पहुँच पाती है।
