अंगदान को बढ़ावा देने हेतू अस्पतालों में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी : संभागायुक्त

0
IMG-20260407-WA0145

संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में विभिन्न अस्पताल संचालकों की बैठक आयोजित

बैठक में विभिन्न अस्पतालों के संचालक और इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के सदस्य हुए शामिल

Pritesh Jain। अंगदान को बढ़ावा देने हेतू संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने आज शहर के विभिन्न अस्पतालों के संचालकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक संभागायुक्त कार्यालय में आहूत की गई।

बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाडे़ ने कहा कि अंगदान के क्षेत्र में इंदौर संभाग अच्छा कार्य कर रहा है। इसमें शहर के 13 अस्पतालों के संचालक, डॉक्टर्स और विभिन्न सामाजिक संस्थाएं लगातार जागरूकता के कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों को एक सकारात्मक आंदोलन के रूप में बदलने की आवश्यकता है ताकि इंदौर संभाग अंगदान के क्षेत्र में केवल प्रदेश में ही नहीं देश में भी अव्वल आ सके। डॉ. खाड़े ने कहा कि अंगदान मानवता को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है अत: इस कार्य को मानवीयता और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिये।

अंगदान के प्रति लोगों को अधिक से अधिक प्रेरित करने की आज आवश्यकता है। जो लोग अंगदान करना चाहते हैं लेकिन आर्थिक अभाव के कारण निर्णय नहीं ले पाते, ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें शासन की तरफ से आर्थिक मदद के प्रयास किए जाये।संभागायुक्त डॉ. खाडे ने कहा कि अंगदान से समाज में एक बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। बैठक में इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन की ओर से नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पुरोहित, मुस्कान ग्रुप सेवादार संदीपन आर्य, जीतू बगानी, किडनी फाउंडएशन के डॉ. अनिल भण्डारी, स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त संचालक डॉ. पूर्णिमा गडरिया, इंदौर आई बैंक से श्रीमती उमा झंवर, मिताशा फाउंडेशन के आलोक सिंघी,डॉ तरूण गुप्ता, चोइथराम हॉस्पीटल के डॉ सुनील चांदीवाल, बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉ अमित जोशी,अपोलो राजश्री के डॉ सुशील जैन,डॉक्टर अंकुर गुप्ता, जूपिटर विशेष हॉस्पिटल के डॉक्टर अमित भट्ट, ऋतुराज,सीएचएल केयर के डॉ मनीष गुप्ता, डॉ सुरेंद्रसिंह परिहार, श्रीमती मोनिषा बगानी,अमलतास हॉस्पिटल से डॉ प्रशांत, श्री अरबिंदो हॉस्पीटल के डा निलेश बिंजवे, मोहक हॉस्पिटल के श्री प्रफुल्ल श्रीवास्तव शैल्बी हॉस्पीटल के डॉ विवेक जोशी, मेदांता हॉस्पीटल डाॅ संजय गीद, डॉ सी पी शर्मा एमिनेंट हॉस्पिटल के डॉ राकेश शिवहरे आदि अस्पतालों के संचालक एवं उनके प्रतिनिधि छोटो मध्य प्रदेश कार्यलय के शुभम वर्मा शामिल हुए।

बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने सभी अस्पताल संचालकों को कहा कि वे अपने संस्थान में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर को नियुक्त करें ताकि अंगदान के बारे में अधिक जानकारी समय पर मिल सके। ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर की एक सूची बनाये जाये, जिससे सभी अस्पताल के साथ शासन स्तर पर भी समन्वय स्थापित हो सके। अंगदान के बारे में सही जानकारियों का आदान-प्रदान हो सके, यह सुनिश्चित किया जाये। अंगदान के बारे में संभाग के बड़े अस्पताल, छोटे अस्पतालों को अपने साथ जोड़ सकें, इस पर कार्य करने की आवश्यकता है। अंगदान के लिये एक जिले से दूसरे जिले में प्रयुक्त किये जाने वाले एम्बुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाये। अंगदान प्रत्यारोपण हेतु चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जाये। इसके लिये समय-समय पर शिविर, कार्यशाला, सेमिनार आदि आयोजित किये जाये। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता आदि को भी प्रशिक्षिण किया जाये।

सभी अस्पतालों में अंगदान को बढ़ावा देने संबंधित पोस्टर, होर्डिंग्स, बैनर्स आदि लगाये जायें। बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि अंगदान के लिये प्रतिज्ञा पत्र भरकर नोटो (नेशल ऑर्गन एण्ड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइनेशन) के साथ पंजीकरण किया जा सकता है। अंगदान केवल ब्रेन डेन घोषित होकर अस्पताल में मृत्यु होने की स्थिति में ही प्रभावी रूप से हो सकता है। बैठक में बताया गया कि अंगदान वह प्रक्रिया है जिसमें जीवित या मृत व्यक्ति के स्वस्थ अंगों या ऊतकों को शल्य क्रिया द्वारा निकालकर किसी ऐसे व्यक्ति में प्रत्यारोपित किया जाता है जिसके अंग फेल हो चुके हैं या ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इसे जीवन का उपहार भी कहा जाता है, जो किसी के लिये नये जिंदगी का मौका हो सकता है। बैठक में बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉ अमित जोशी ने कहा“संभावित ब्रेन डेथ की स्थिति में, प्रत्येक परिवार को अंगदान के विषय में पूर्व चर्चा अवश्य करनी चाहिए, ताकि कठिन समय में सही और संवेदनशील निर्णय लिया जा सके।

एक जागरूक निर्णय कई जिंदगियों को नई आशा और नया जीवन दे सकता है..बॉम्बे हॉस्पिटल इंदौर बैठक में डॉ. अनिल भण्डारी ने कहा कि अंगदान करने वाले परिजनों को शासन द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देने का समाज में सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।इसके बाद अंगदान करने वालों की संख्या में भी उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *