इलाज में लापरवाही से प्रसूता मौत की दहलीज पर, सहरानिया हॉस्पिटल की भयंकर लापरवाही
प्रितेश जैन, इंदौर । खजराना इलाके में हाल ही में खुले सहरानिया हॉस्पिटल की भयानक लापरवाही सामने आई है । जहां प्रसव के लिए भर्ती हुई महिला को मौत के मुंह में ले जाकर हॉस्पिटल के कारिंदो ने हाथ खड़े कर दिए और परिजनों को बताया कि आगे का इलाज एम वाय हॉस्पिटल में करवाना होगा । प्रसूता के भाई ने मीडिया को बताया कि सहरानिया हॉस्पिटल के मोहसिन कुरैशी ने हमे अचानक बुला कर कहा कि आपकी बहन को कुछ देर के लिए एम वाय में भर्ती करवा दो जहां थोड़ा सा सामान्य इलाज होने के बाद दो घंटे में छुट्टी भी हो जाएगी । लेकिन जब परिजन प्रसूता को देखने गए तो उसकी हालत चिंताजनक नजर आई जिसके बाद हंगामा होता देख सहरानीय हॉस्पिटल ने प्रसूता को गंभीर अवस्था में अपने स्टॉफ की दो लड़कियों के साथ एम टी एच महिला अस्पताल भेज दिया । इमरजेंसी में अत्यधिक रक्त बह जाने की वजह से एम टी एच के डॉक्टरों ने परिजनों को बचने की बहुत कम उम्मीद बताने के बाद इलाज शुरू किया और सरकारी डॉक्टरों ने बड़ी कुशलता से इलाज कर प्रसूता को मौत के मुंह से बाहर ला खड़ा कर दिया । प्रसूता के परिजनों ने बताया कि सहरानिया हॉस्पिटल से आई लड़कियां प्रसूता को नीचे छोड़ कर गायब हो गई थी और सरकारी डॉक्टरों ने हमारी बच्ची की जान बचाई है ।

मुस्लिम बहुल इलाके खजराना में संचालित सहारानिया हॉस्पिटल में जिम्मेदारी का अभाव देखने में आया है वही जानकारी मिली कि हॉस्पिटल प्रमुख भी शहर के बाहर गए हुए थे । उसके बावजूद महिला की डिलीवरी करवाई गई । नाकाबिल और गैर जिम्मेदार स्टाफ की वजह से एक गरीब परिवार की बेटी को मौत की दहलीज पर ला कर हाथ खड़े कर देने वाले ऐसे हॉस्पिटल और उसके संचालकों की कार्यशैली संदेहास्पद है । मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का ये कृत्य भी माफी के काबिल नहीं है । जिसकी शिकायत परिजनों द्वारा खजराना थाने में की गई है । वही सीएमएचओ और कलेक्टर कार्यालय में भी शिकायत की जा रही है ।

कई बार ऐसे मामले पूर्व में भी सामने आए आए है जिसमें देखा गया है कि झोलछाप डॉक्टरों के इलाज से एवं नियमों को ताक में रख संचालित किए जा रहे अस्पतालों में कई लोगों की जान जा चुकी है। जिसके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने भी मुहिम छेड़ रखी है ।
ऐसे गैर जिम्मेदार हॉस्पिटलो और लापरवाह डॉक्टरों के पास इलाज कराने से लोगों बचना चाहिए ।

