केंद्रीय जेल में गीता जयंती का आयोजन किया गया, गीता के उपदेशों का लाभ कैदियों तक पहुंचे

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Pritesh Jain । गीता जयंती पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। इसी कड़ी में इंदौर की सेंट्रल जेल में भी गीता जयंती उत्सव का आयोजन बड़े ही धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। यहां जेल प्रशासन द्वारा विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवद्गीता के अध्यायों का पाठ किया गया और कैदियों को गीता के उपदेशों से अवगत कराया गया।

इंदौर सेंट्रल जेल में हुए इस कार्यक्रम में जेल डीजी वरुण कपूर भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि आज माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश की सभी जेलों—11 केंद्रीय जेलों और 41 जिला जेलों—में एक साथ गीता पाठ का आयोजन रखा गया। इसी क्रम में पंद्रहवें अध्याय का सामूहिक पाठ किया गया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कैदियों तक गीता के उपदेशों और जीवन मूल्यों को पहुँचाना है, ताकि वे आत्मसुधार और सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित हो सकें। गीता में दिए गए कर्मयोग, आत्मबल, संयम और कर्तव्यपरायणता के संदेश कैदियों के जीवन में नई दिशा देने में सहायक हो सकते हैं।

जेल डीजी वरुण कपूर ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आज पूरे प्रदेश की जेलों में गीता पाठ का आयोजन किया गया है। हमारा उद्देश्य यह है कि गीता के उपदेशों का लाभ कैदियों तक पहुंचे और वे इससे प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।”इंदौर सेंट्रल जेल में हुए इस धार्मिक कार्यक्रम में कैदियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की और गीता के उपदेशों को ध्यानपूर्वक सुना। जेल प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजन कैदियों में मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं।

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