इंदौर में लोकायुक्त पुलिस की बड़ी कार्रवाई: संयुक्त संचालक के ठिकानों पर छापा, आय से 241% अधिक संपत्ति का खुलासा
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर तड़के छापा मारा। लोकायुक्त पुलिस के एसपी राजेश सहाय को मिली एक गोपनीय शिकायत के बाद इस मामले की प्राथमिक जांच कराई गई थी, जिसमें अधिकारी के पास वैध स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति होने के पुख्ता सबूत मिले। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विशेष न्यायालय से सर्च वारंट लिया गया। बुधवार सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच बेहद गोपनीय तरीके से लोकायुक्त की अलग-अलग टीमों ने कंडवाल के निवास, उनके जिम और एक डिपार्टमेंटल स्टोर पर एक साथ दबिश दी। इस औचक कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और आरोपी अधिकारी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

शुरुआती जांच और दस्तावेजों की छानबीन में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। वर्ष 1996 से नौकरी कर रहे लक्ष्मी नारायण कंडवाल को अपने लगभग 30 साल के सेवाकाल में वेतन के रूप में कुल 2.5 करोड़ रुपए की आय हुई थी, लेकिन उनके पास से लगभग 9.5 करोड़ रुपए की नामी-बेनामी संपत्ति बरामद की गई है, जो उनकी वास्तविक आय से 241% अधिक है। अब तक मिली संपत्ति के ब्योरे के अनुसार, कंडवाल के पास स्कीम नंबर-103 में 252 वर्गमीटर का एक प्लॉट और करीब 13,500 वर्गफीट का एक विशाल बहुमंजिला भवन है, जिसमें कई दुकानें और एक आलीशान मकान बना हुआ है। इसके अलावा, स्कीम नंबर-140 में उनके पास 1000-1000 वर्गफीट के दो अन्य प्लॉट मिले हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों (तारपुरा, बेकलाय और बनेड़िया) में कुल 11 कृषि व अन्य भूखंडों के दस्तावेज जब्त किए गए हैं। फिलहाल लोकायुक्त की टीम वित्तीय निवेश और अन्य संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड्स की गहन जांच कर रही है।
