एनडीए की पासिंग आउट परेड में इतिहास रचा, पहली बार 14 बेटियां बनीं सेना और वायुसेना की अधिकारी
देहरादून/हैदराबाद। भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में 13 जून 2026 का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया। पहली बार राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पहले महिला बैच की 14 कैडेट्स भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनी हैं।
देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड में 9 महिला कैडेट्स भारतीय थलसेना में अधिकारी के रूप में शामिल हुईं, जबकि हैदराबाद के डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी से 5 महिला कैडेट्स भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त कर अधिकारी बनीं।
इस अवसर पर कुल 746 कैडेट्स को कमीशन मिला। इनमें देहरादून की इंडियन मिलिट्री अकादमी से 515 और डुंडीगल वायुसेना अकादमी से 231 कैडेट्स शामिल हैं। इंडियन मिलिट्री अकादमी से पास आउट होने वाले कैडेट्स में 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स भी शामिल रहे।
समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं और उन्होंने परेड की सलामी ली। राष्ट्रपति ने महिला कैडेट्स की मौजूदगी को भारतीय सैन्य इतिहास का “ऐतिहासिक मोड़” बताया। वहीं हैदराबाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना अकादमी की संयुक्त स्नातक परेड की समीक्षा की।
