मानव तस्करी के खिलाफ इंदौर पुलिस की ‘महा-चौपाल’

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तस्करी के बदलते स्वरूप और चुनौतियों पर एक दिवसीय सेमिनार, पुलिस और एनजीओ ने मिलाया हाथ

सीपी संतोष सिंह और रिटायर्ड आईपीएस डॉ. पीएम नैयर ने दिया ‘तकनीक आधारित पुलिसिंग’ का मंत्र।

इंदौर पुलिस कमिश्नरेट की अगुवाई में आज मानव तस्करी जैसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण विषय पर एक दिवसीय विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस सेमिनार का मुख्य केंद्र ‘कानून प्रवर्तन, चुनौतियां और प्रतिक्रिया’ रहा। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह सहित कई विशेषज्ञ अधिकारियों और एनजीओ कार्यकर्ताओं ने इस मंच से तस्करी के बदलते स्वरूप और पीड़ितों को न्याय दिलाने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।

इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में बुधवार का दिन मानव तस्करी के खिलाफ एक साझा जंग की शुरुआत जैसा रहा। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर इस एक दिवसीय सेमिनार का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत एडिशनल सीपी आर.के. सिंह के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसके बाद विशेषज्ञों ने तस्करी की जटिलताओं और जमीनी हकीकतों पर अपना पक्ष रखा।

सेमिनार के मुख्य वक्ता रिटायर्ड आईपीएस डॉ. पीएम नैयर और पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने मानव तस्करी की बदलती प्रकृति पर चिंता जताई। उन्होंने जोर दिया कि अब तस्करी केवल शारीरिक नहीं बल्कि डिजिटल और तकनीक आधारित भी हो गई है। ऐसे में पुलिसिंग को भी अपडेट होना होगा। चर्चा के दौरान तकनीक आधारित पुलिसिंग और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर विशेष रोडमैप तैयार किया गया। सेमिनार के पहले सत्र में डॉ. किरण लता केरकेट्टा (डीआईजी, महिला सुरक्षा शाखा) और ‘मदद’ एनजीओ के संस्थापक राजेश मणि सहित कई विशेषज्ञों ने पीड़ितों के रेस्क्यू, पुनर्वास और समाज में उनके पुनर्समावेशन पर गंभीर चर्चा की।

इस मौके पर डीसीपी राजेश व्यास, आनंद कालादागी, कुमार प्रतीक और एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया सहित इंदौर के तमाम बड़े पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डीसीपी सीमा अलावा द्वारा किया गया।

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