BPCL के लॉयल्टी ऐप में करोड़ो की सेंध 7 आरोपी नामजद BPCL के साथ 5.72 करोड़ की महाठगी
लॉयल्टी ऐप में तकनीकी ‘सेंध’ लगाकर वॉलेट में भरा फर्जी पैसा 7 रईस जालसाजों पर FIR दर्जपूरे देश भर में 1093 लोगों को बीपीसीएल ने आइडेंटिफाई किए है जिन्होंने 129 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है
इंदौर के क्षिप्रा थाना क्षेत्र से कॉर्पोरेट धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों के भी होश उड़ा दिए हैं। भारत पेट्रोलियम यानी BPCL के लॉयल्टी एप्लीकेशन के साथ छेड़छाड़ कर सात शातिर जालसाजों ने साढ़े पांच करोड़ रुपये से ज्यादा का गबन कर लिया। बिना एक पैसा बैंक से कटे, इन आरोपियों ने अपने डिजिटल वॉलेट में करोड़ों रुपये का ‘फर्जी रिचार्ज’ कर लिया और कंपनी के बार-बार मांगने पर भी पैसा लौटाने से इनकार कर दिया।

इंदौर के मांगलिया स्थित बीपीसीएल डिपो में तकनीकी सेंधमारी का यह खेल 31 मार्च 2023 से शुरू हुआ था। नवी मुंबई निवासी और वर्तमान में इंदौर में कार्यरत बीपीसीएल अधिकारी विक्रांत हाटे की शिकायत पर पुलिस ने इंदौर के अलग-अलग पॉश इलाकों में रहने वाले 7 आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसा है। इन आरोपियों ने स्मार्ट फ्लिट लॉयल्टी एप्लिकेशन के सिस्टम के साथ ऐसी बाजीगरी की, कि बिना किसी बैंकिंग ट्रांजेक्शन के इनके वॉलेट में करोड़ों रुपये जमा हो गए। जब बीपीसीएल को ऑडिट के दौरान इस भारी गड़बड़ी का पता चला, तो हड़कंप मच गया। कंपनी ने सभी सात ग्राहकों को उनके वॉलेट में गलत तरीके से आई राशि का पूरा विवरण दिया और उसे तुरंत लौटाने का नोटिस जारी किया। लेकिन आरोपियों ने न केवल राशि वापस करने से मना कर दिया, बल्कि बेईमानी की नीयत से उस पूरी रकम को हड़प लिया। क्षिप्रा पुलिस ने अब इन सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। बहरहाल पूरे देश में बीपीसीएल ने 1093 लोगों को आइडेंटिफाई किया गया है जिन्होंने 129 करोड़ की धोखाधड़ी बीपीसीएल के साथ की है ।
