SIR के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएं, क्राइम ब्रांच ने जारी की एडवाइजरी
Pritesh Jain। भारत में निर्वाचन आयोग द्वारा कई राज्यों में SIR ( विशेष गहन पुनरीक्षण) का अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन इस अभियान के नाम पर कई लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएं भी सामने आ रही है जिसको लेकर इंदौर क्राइम ब्रांच के द्वारा एक एडवाइजरी जारी कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया है साथ ही कहा गया है इस प्रक्रिया में किसी तरह की कोई ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती है।

साइबर अपराधी विभिन्न तरह से साइबर अपराधों को अंजाम दे रहे है। देश के विभिन्न राज्यों में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान) चलाया जा रहा है। जिसमें बीएलओ सभी के घरों पर दस्तक देकर निर्वाचन सूची में नाम सुधार का काम कर रहे है। लेकिन साइबर ठग इसमें भी अपना उल्लू सीधा कर रहे है और जनता को चुना लगा रहे है। साइबर क्राइम में कई शिकायत भी पहुंच चुकी हैं जिसको लेकर अब क्राइम ब्रांच के द्वारा एक एडवाइजरी जारी की गई है। क्राइम ब्रांच ने जानकारी के तहत बताया है, कि इस तरह की प्रक्रिया में किसी तरह का कोई ओटीपी उपलब्ध नहीं कराया जाता है। निर्वाचन आयोग से जुड़े हुए अधिकारी घर पर फार्म उपलब्ध कराते हैं और वही भर कर ले जाते है। SIR के नाम पर साइबर अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए एडवाइजरी में तमाम बिंदुओं का जिक्र किया है जिसमें ओ टी पी से लेकर यदि कोई फर्जी व्यक्ति घर पर आकर मोबाइल पर कुछ डेटा कलेक्ट करने की बात भी कहता है तो वह गलत है। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी उपलब्ध न करें साथ ही जो क्षेत्रीय बीएलओ आते हैं, केवल उन्हे ही फॉर्म भरकर उपलब्ध करवाए।
