गैस एजेंसी का कर्मचारी 30 खाली सिलेंडर लेकर फरार
गैस एजेंसी कर्मचारी का ‘सिलेंडर कांड’ – 30 घरों को लगाया चूना
15 साल पुराना ‘भरोसा’ हुआ नीलाम,घर-घर जाकर ग्राहकों को झांसे में लिया
Pritesh Jain। इंदौर में गैस सिलेंडरों की किल्लत के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ 15 साल के पुराने भरोसे की आड़ में बड़ी ठगी को अंजाम दिया गया। बाणगंगा इलाके में एक गैस एजेंसी के कर्मचारी ने करीब 30 घरों से खाली सिलेंडर जुटाए और उन्हें वापस करने के बजाय लेकर फरार हो गया। आरोप है कि इन सिलेंडरों को ब्लैक में ठिकाने लगा दिया गया है। आखिर कैसे एक कर्मचारी ने दर्जनों परिवारों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया।
वल्लभ नगर में ‘गैस पाइंट’ नाम से गोदाम चलाने वाले 65 वर्षीय संतोष मिश्रा ने कभी नहीं सोचा था कि उनका सबसे पुराना कर्मचारी उनके साथ ऐसा धोखा करेगा। मुकेश सोनोने, जो पिछले 15 सालों से यहाँ काम कर रहा था, उसने ग्राहकों के भरोसे का फायदा उठाते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। वह घर-घर जाकर लोगों से कहता कि ‘सिलेंडर भरने का नंबर आ गया है’ और इसी बहाने वह एक-दो नहीं बल्कि पूरे 30 घरों से खाली सिलेंडर बटोर ले गया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब कई दिनों तक सिलेंडर वापस न मिलने पर परेशान ग्राहक सीधे एजेंसी के गोदाम जा पहुँचे। जब संतोष मिश्रा ने रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि मुकेश ने न तो कोई बुकिंग की थी और न ही सिलेंडर जमा कराए थे। फिलहाल आरोपी कर्मचारी फरार है और पुलिस को आशंका है कि उसने इन सिलेंडरों को ऊंचे दामों पर ब्लैक मार्केट में बेच दिया है।
