किशनगंज पुलिस तो त्वरित कार्यवाही, गुजरात के मॉडल से 200 ग्राम सोने की हुई थी लूट
Pritesh Jain। इंदौर ग्रामीण के किशनगंज थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गुजरात के मॉडल से 200 ग्राम सोने की चैन लूटने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आए हैं।
30 मार्च 2026 की देर रात करीब 3 से 3:30 बजे के बीच गुजरात के दाहोद निवासी मॉडल रोहन विजय कुमार पाटीदार अपने दोस्तों के साथ फॉर्च्यूनर कार क्रमांक GJ-20-CA-4444 से इंदौर के रेडिसन होटल जा रहे थे। रास्ते में बायपास स्थित पिगडम्बर के राजपूत ढाबे पर खाना खाने के बाद जब वह लौट रहे थे, तभी धानुका कोल्ड के पास उनकी कार पंचर हो गई। इसी दौरान एक बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट डिजायर कार वहां आकर रुकी। कार से उतरे बदमाशों ने लोहे की रॉड और चाकू दिखाकर रोहन को धमकाया और उनके गले से करीब 200 ग्राम वजनी सोने की चैन लूटकर इंदौर की ओर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित और उसके साथियों ने पीछा किया, लेकिन आरोपी तेज रफ्तार में भाग निकले। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने लूट मामला दर्ज किया मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ग्रामीण यांगचैन डोलकर भूटिया, एएसपी रुपेश कुमार द्विवेदी और एसडीओपी महू ललित सिंह सिकरवार के निर्देशन में एसआईटी टीम का गठन किया गया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान दो आरोपी रितेश राठौर और प्रभु सिंह पहचान की गई। मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी रतलाम से ट्रेन के जरिए अजमेर भाग रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अजमेर रेलवे स्टेशन के बाहर जीआरपी और क्लॉक टॉवर थाना पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

थाना किशनगंज लाकर सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने लूट की वारदात कबूल कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पूर्व में भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और इनके खिलाफ लूट व चोरी जैसे मामलों के रिकॉर्ड दर्ज हैं। पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है और अन्य वारदातों में भी इनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
पीड़ित मॉडल रोहन पाटीदार ने बताया कि घटना के दौरान आरोपी हथियार के साथ आए थे और उन्हें धमका रहे थे। डर के चलते उन्होंने खुद ही अपनी सोने की चैन उतारकर दे दी।रोहन ने इंदौर पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी चैन वापस मिल पाएगी, लेकिन पुलिस ने दिन-रात मेहनत कर महज तीन दिनों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

